Thursday, February 27th, 2020

अनुपस्थित चिकित्सकों व कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश

download (1)आई एन वी सी न्यूज़ लखनऊ, उत्तर प्रदेश के जन्तु एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा0 शिवप्रताप यादव ने आज सीतापुर में कई चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिधौली, खैराबाद तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कमलापुर का भ्रमण किया। इस भ्रमण के दौरान उन्हें इन चिकित्सालयों में कुछ कमियां मिली और कुछ चिकित्सकों सहित कई कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये। इन सब का वेतन रोकने और उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए हैं। स्वास्थ्य राज्यमंत्री को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिधौली में डा0 प्रेमा देवी स्त्री रोग विशेषज्ञ, नीलम त्रिवेदी एच0वी0, सुनीता त्रिपाठी एच0ई0ओ0, अनुज कुमार सिंह डी0एच0 तथा खैराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अरूणा सिंह ज्योति अर्श काउन्सलर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कमलापुर में सुधा मिश्रा ए0एन0एम0, प्रिया गौतम स्टाफ नर्स (संविदा) अनुपस्थित मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिधौली में स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने वार्डों व चिकित्सालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अधीक्षक को कड़े शब्दों में निर्देशित किया। यहां पर आउटसोर्सिंग से नियुक्त सफाई कर्मचारियों पप्पू व पिन्टू का अप्रैल से अब तक मानदेय वितरित न किये जाने पर सेन्टर फार पालुशन कन्ट्रोल एजेन्सी को इस आशय का पत्र मुख्यचिकित्साधिकारी द्वारा लिखने के लिए निर्देशित किया कि उनके एकाउन्ट में विभाग द्वारा धनराशि के हस्तान्तरण के बाद भी किन परिस्थितियों में इन कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। श्री यादव ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, कमलापुर में जननी षिषु सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत लाभार्थियों को भोजन व नाष्ता नियमित रूप से दिये जाने के आदेष दिये। उन्होंने भोजन के अभिलेख पूर्णतया भरे न होने पर कसमंडा के अधीक्षक को इस संबंध में चेतावनी देते हुए सुधार लाने के लिए निर्देषित किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खैराबाद में जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को दूध के स्थान पर चाय दिये जाने पर अधीक्षक को कड़ी चेतावनी दी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को खैराबाद के अधीक्षक के लिये कड़ी चेतावनी जारी करने के निर्देष दिये। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी चिकित्सालय में मरीजों को चिकित्सालय से ही दवायें दी जायें क्योंकि कहीं पर भी दवाओं की कोई कमी नही है।यदि किसी रोगी को बाहर की दवायें खरीदनें के लिए विवष किया गया तो संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

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