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भाजपा मण्डल न. 25 अध्यक्ष और डेलिगेट चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता सुशील जैन ने एक शिकायत पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी अविनाश राय खन्ना और चुनाव पुन. विचार समीति को देकर मण्डल न. २५ अध्यक्ष और डेलिगेट के चुनाव पुन. करवाने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि आज भाजपा की और से श्री जय प्रकाश नारायण का जन्मदिन लोकतंत्र रक्षा दिवस के तौर पर मनाया गया। भाजपा के अंदरुनी मण्डल अध्यक्ष चुनावों में जिस तरह धांधले बाजी मनमानी और तानाशाही के आरोप सुने जा रहें है उससे यह कहना कोई अति शयोक्ति नही होगी कि लोकतंत्र का कत्ल करने के बाद भाजपा ने श्री जय प्रकाश नारायण का जन्मदिन लोकतंत्र दिवस के तौर पर मनाया। उपरोक्त लिखे गए पत्र में सुशील जैन ने आरोप लगाया कि अभी तक मण्डल न. 25 की सभी बूथ समीतियों का गठन नही हुआ। जिन कुछ समीतियों का गठन हुआ भी है उसमे भी स्थानीय निवासी भाजपा नेताऔं और कार्यकर्ताओं को विश्वास में नही लिया गया।  चुनाव के लिए तैयार मतदाता सुचिया भी छुपा कर रखी गई। तानाशाही और साजिश का आरोप लगाते हुए सुशील जैन ने बताया कि चुनाव अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर सभी स्थानिय सर्किय सदस्यों को चुनाव के लिए निर्धारित समय और स्थान की भई सूचना नही दी।
सुश्ीाल जैन ने कहा कि जब अपने समर्थकों सेे सूचना मिलने पर वह निर्धारित समय और स्थान पर पहुँचे और मण्डल अध्यक्ष चुनाव के लिए एक प्रत्याक्षी के तौर पर सामने आए तो चँद्रशेखर चुनाव अधिकारी ने उन्हे ही चुनाव ना लडऩे के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया। जब  चुनाव में सुशिल जैन पिछे ना हटे तो साजिश का नया दौर शुरु हो गया। अपने चहेते उम्मीदवार को जीताने के लिए मौके पर ही पहले से तैयार मतदाता सूचि से छेड़छाड की और मनमानी करते हुए तीन समीति अध्यक्षो के तौर पर भूभृत शर्मा, बलविन्द्र सिंह और गुलशन के नाम शामिल कर दिए। तब वहां मौजूद किसी भी सक्रिय सदस्य या प्रत्याक्षी को सुशील जैन को यह तक समझाने की जरुरत नही समझी गई कि यह तीन समीति अध्यक्ष कहां के रहने वाले है और किस क्षेत्र की समीति के अध्यक्ष हैं।
मनमाने तरीके से मतदाता सूचिया तैयार करने के बाद भी जब चुनाव अधिकारियों और सुशील जैन के प्रतिद्वंदी प्रत्याशी को अपनी जीत संदेहसप्द लगी तो उन्होनें अपने समर्थकों को मतदाताओं पर नजर रखने का इशारा किया। अवैध तौर पर जिला महामंत्री राजीव मनचँदा ने मतदाता ना होते हुए भी मौके पर रह कर गैर कानूनी और अनैतिक तौर पर मतदाताओं से अपने सामने अपने चहेते उम्मीदवार के हक में मतदान करवाया। सुशील जैन ने कहा कि अगर मतदाताओं को अपने विवेकानुसार स्वतंत्र तौर पर मतदान करने का अवसर मिलता तो अनेक मतदाता उनके हक में ही मतदान करते। भाजपा में अंदरुनी लोकतंत्र किस तरह से अब साजिश के तहत तानाशाही और मनमानी का रुप ले चुका है इस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुशिल जैन खुले तौर पर बोलते हैं कि इस चुनाव दौरान किसी डेलिगेट के चुनाव का चर्चा तक नही किया गया। उन्होने आशंका वयक्त की है कि शायद चुनाव अधिकारी और नेता गण मनमानी करते हुए अपने किसी यस मैन को डेलिगेट बनाऐंगे ताकि जिला अध्यक्ष के चुनाव के लिए वह फिर से लोकतंत्र की हत्या कर सकें।
चुनाव समपन्न हो जाने के बाद भी मात्र कुछ मतो से जीते मण्डल अध्यक्ष राकेश कुमार नौनी ने हुलड़बाजी करते हुए ढोल की थाप पर जश्न मनाया और अनुशासन हीनता दिखाते हुए यह कह कर पार्टी में गुटबाजी को बढावा दिया कि उन्हें जीताने के लिए सिधे तौर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टण्डन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपरोक्त शिकायत देकर भाजपा नेता सुशील जैन ने कहा कि चुनाव निषपक्ष तौर पर पुन. करवाए जाए ताकि लोकतंत्र जिंदा रहे।