Sunday, October 20th, 2019
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अगली सजिकल स्ट्राइक् आस्तीनों के सापों पर करो

आई एन वी सी न्यूज़

नई दिल्ली , सर्वोच्च न्यायालय के मीडिया पार्क में आयोजित पत्रकार वार्ता में सम्वाद्दाताओं को सम्बोधित करते हुए धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ जिस प्रकार से अंग्रेजी अनुवाद के नाम पर राम मन्दिर वाद पर तारीख पर तारीख लगा रही है वह न केवल गलत है बल्कि महामहिम राष्ट्रपति जी के दिनांक 24-11-98 के राजभाषा हिन्दी सम्बन्धी आदेशों का भी उल्लंघन है, जिसके तहत सर्वोच्च न्यायालय को हिन्दी में दायर याचिकाओं को  स्वीकार करना है और हिन्दी में भी आदेश देने है। साथ ही अंगेजी में दिये आदेशों का हिन्दी अनुवाद भी सर्वोच्च न्यायालय का देना है। वहीं सर्वोच्च न्यायालय नियम 2013 के आदेश 8।2। के तहत हिन्दी में दायर याचिकाओं का अंग्रेजी अनुवाद कराना सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार कार्यालय का काम है। राम मन्दिर मामले में अंग्रेजी अनुवाद देना सर्वोच्च न्यायालय के जजों और वकीलों की कामचोरी ही नही राम मन्दिर मामले को लटकाये रखना भी है। जिस प्रकार से सर्वोच्च न्यायालय अपने अंग्रेजी आदेशों का हिन्दी अनुवाद न देकर सविधान विरोधी काम कर रहा है, उससे साफ जाहिर है कि सर्वोच्च न्यायालय बेईमान]भ्रष्ट]राम विरोधी जजों] रजिस्ट्रारों] वकीलों और मीडिया कर्मियों का अड्डा बन चुका है। सी आई ए के ऐजेन्ट प्रशान्त भूषण और इन्दिरा जय सिंह जैसे वकीलों को मिल रही सी आई ए की फंडिंग से चल रहा सर्वोच्च न्यायालय का यह गिरोह देशद्रोहियों और खूंखार नक्सली ईसाई आतंकवादियों से मिला है। जो न महामहिम राष्ट्रपति जी के दिनांक 24-11-98 के सर्वोच्च न्यायालय में हिन्दी में याचिका दायर करने के आदेश को मानता है और न ही जजों की नियुक्ति सम्बन्धी संविधान के अनुच्छेद 124क] 124-2 और 124-3 को मानता है। इन सब की गन्डागर्दी पर मीडिया का एक बड़ा देशद्रोही गैंग पर्दा डालने के लिये ही सर्वोच्च न्यायालय में बैठा हुए है। श्री जैन ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय का मीडिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हत्या करने की साजिश में लिप्त नक्सली ईसाई आतंकवादियों की रिहाई कराने के नाकामयाब रहे हारे इुए वकील प्रशान्त भूषण के लिये 40 कैमरे लगाता है वहीं इस मामले में मुजरिमों को पुलिस की गिरफ्त में पहुंचाने वाले स्वामी ओम जी और अन्यों के लिये इक्का दुक्का ही कैमरा लगाता है। श्री मुकेष जैन ने साफ किया कि सर्वोच्च न्यायालय देशद्रोही वकीलो, जजों और रजिस्ट्री के अधिकारियों का अड्डा बन चुका है और इनके देशद्राह को छिपाने में सर्वोच्च न्यायालय का मीडिया भी इन्दिरा जय सिंह और प्रशान्त भूषण जैसे सी आई ए के फंडखोरों का फन्ड खाकर इनके देशद्रोह पर आंखें बन्द किये हुए है। सर्वोच्च न्यायालय के मीडिया पार्क में आयोजित पत्रकार वार्ता में सम्वाद्दाताओं को सम्बोधित करते हुए बिग बोस के सुपर हीरो और धर्मरक्षक श्री दारा सेना के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी ओम जी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हमारे आराध्य भगवान श्री राम को टाट में बैठाकर ठाठ कर रहे है और पिछले 10 सालों से इतने महत्वपूर्ण मामले में इन न्यायाधीशों ने 1दिन भी सुनवायी नहीं की। स्वामी ओम जी न्यायाधीशों और रजिस्ट्रारों पर देशद्रोहियों से मिली भगत का आरोप लगाते हुए सम्बाददाताओं को बताया कि ये वो ही न्यायाधीश हैं जो प्रशान्त भूषण जैसे खूंखार नक्सली आतंकवादी वकील द्वारा आतंकवादी याकूब मेमन की फांसी रूकवाने के लिये रात के 12 बजे लगायी याचिका पर रात में ही सुनवायी करके न्याय का ढोंग रचते है। ये वो ही न्यायाधीश हैं जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की साजिश में लिप्त कुख्यात नक्सली ईसाई आतंकवादियों की रिहाई के लिये साढ़ें 3 बजे सी आई ए के ऐजेन्ट प्रशान्त भूषण द्वारा लगायी याचिका पर 4 बजे सुनवायी करके इन खूंखार आतंकवादियों को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा देते हैं। स्वामी ओम जी और  मुकेश जैन ने सरकार से अनुरोध किया कि अगली सजिकल स्ट्राइक् इन आस्तीनों के सापों पर करके इनका फन कुचला जाये। ताकि देशद्रोहियों में भय बना रहे और उनके दिमाग से निकल जायें कि सर्वोच्च न्यायालय में अब उनका साथी कोई भी जज नहीं है।


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