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Saturday, October 31st, 2020

 सत्र बुलाकर कराया जा सकता है अब फ्लोर टेस्ट 

जयपुर. राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट (CM Ashok Gehlot and Sachin Pilot) के बीच चल रहे सियासी संघर्ष के मध्‍य जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो यह विधानसभा सत्र (Assembly session) सोमवार से बुलाया जा सकता है. इसमें सरकार फ्लोर टेस्ट करवा सकती है. सीएम अशोक गहलोत मौजूदा सियासी संकट के पटाक्षेप की कवायद में जुटे हैं. इसी के तहत विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.

कांग्रेस के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि विधानसभा सत्र बुलाने का अधिकार मंत्रीमंडल ने सीएम को दे दिया है. सीएम जब चाहें राज्यपाल से कह कर विधानसभा सत्र बुला सकते हैं. मौजूदा सियासी संकट पर डोटासरा ने कहा कि स्पीकर, कोर्ट और सरकार अपना-अपना काम करेंगे. साथ ही उन्‍होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि षड्यंत्र हारेगा और लोकतंत्र जीतेगा. दिल्ली में बैठे लोग पैसे के दम पर लोकतंत्र की हत्या करना चाहते हैं.

सरकार के पास पूर्ण बहुमत है

डोटासरा बोले कि सरकार गिराने का षड्यंत्र करने वाले कामयाब नहीं होंगे. सरकार के पास पूर्ण बहुमत है. खुद के पीसीसी चीफ का कार्यभार ग्रहण करने के सवाल पर डोटासरा ने कहा कि पंडित से अच्छा मुहूर्त निकलवाकर कार्यभार ग्रहण करेंगे. सीएम अशोक गहलोत की ओर से पीएम नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखने पर उन्होंने कहा कि सीएम ने सरकार गिराने के षड्यंत्र को लेकर पीएम को चिट्ठी तो लिख दी है, लेकिन पीएम अब कार्रवाई तो करें.

करीब दो सप्ताह से चल रही है रस्साकसी
उल्लेखनीय है राज्य में चल रहे इस सियासी संग्राम के कारण सरकार का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। अभी गहलोत खेमा जयपुर में एक लग्जरी होटल में बाड़ाबंदी में बंद है. वहीं सचिन पायलट खेमा दिल्ली में एक होटल में डेरा जमाये हुए है. करीब दो सप्ताह से चल रही इस खींचतान से प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. PLC. 

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