मायावती से भंग दलितों का मोह
Published on February 19, 2012 by News Desk · No Comments
Print This Post

आई.एन.वी.सी,,
लखनऊ ,,
अ0भा0 कंाग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं दिल्ली प्रदे’ा के विधायक जय किशन ने आज यहां प्रदेश कंाग्रेस मुख़्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के माध्यम से प्रदे’ा की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती से सवाल किया है कि बसपा सुप्रीमो स्वयं को दलितों की हितै”ाी और मसीहा कहलाने का दंभ भरती हैं, बड़ी-डींगें मारती हैं, उन्होने दलितों के हितों के लिए क्या किया, इसके बारे में बताना चाहिए। मायावती जी ने बड़े-बड़े लुभावने नारे देकर दे’ा के दलितों को वि’ो”ाकर उ0प्र0 के दलितों को गुमराह किया है उनके साथ छल किया है। यही कारण है कि मायावती जी से दलितों का मोह पूरी तरह भंग हो चुका है और इस चुनाव में मायावती जी से बदला लेने का मन बना लिया है, पूरे प्रदे’ा का दलित पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में लामबंद हो चुका है।
प्रदे’ा कंाग्रेस मुख़्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि यह वही मायावती जी हैं जिन्होने उ0प्र0 के मेहनतक’ाों, किसानों, अल्पसंख्यकों और भोलेभाले दलितों और उन लोगों को बरगलाने का काम किया है जो दूसरे प्रांतों में बसते हैं। उन्होने कहा कि मैं भी बागपत जिले का हूं और इसी प्रदे’ा का रहने वाला हूं, दिल्ली से विधायक हूं लेकिन मायावती जी के कु’ाासन के चलते उ0प्र0 के दलितों की आवाज उठाने आया हूं। उन्होने कहा कि उ0प्र0 में विधानसभा का चुनाव हो रहा है पूरे दे’ा की नज़रें उ0प्र0 की तरफ लगी हुई हैं। उन्होने कहा कि प्रदे’ा के जो करोड़ों लेाग अन्य प्रांतों में रहते हैं उनका भी भवि”य इस चुनाव से जुड़ा हुआ है, ऐसी party को vote देंं जिससे दे’ा का हित हो, समाज का हित हो, जिससे उनका भवि”य उज्जवल हो और उ0प्र0 का विकास हो। उन्होने कहा कि राहुल जी विगत कई व”ाोzं से उ0प्र0 के विकास और दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, नौजवानों, महिलाओं के हितों के लिए प्रयास कर रहे हैं, जिसके चलते आज पूरा प्रदे’ा राहुल जी से प्रेरित है।
उन्होने कहा कि बहन मायावती जी भूल रही हैं कि इन्होने नारा दिया था कि तिलक तराजू और तलवार, इन्हें मारो जूते चार। एनडीए के ‘ाासनकाल में इन्होने मिलकर सरकार चलायी और अब उसी को थूक कर चाट रही हैं और नारा दिया कि तिलक तराजू और तलवार, इनकी बोलो जयजयकार, यही हैं बीएसपी के यार। जब दलितों ने इस पर ऐतराज किया तो इन्होने कहा कि तुम चुप रहो, पत्थर रखे रहो छाती पे, मुहर मारते रहो हाथी पे। दुतारा तिलक, तराजू और तलवार ने कहा कि तुम तो पहले कुछ और बोलती रही हो, तो कहा कि हाथी नहीं गणे’ा है तुम भी मत्था टेकते रहे, ब्रहमा वि”णु महे’ा है।
जयकि’ान ने सवाल कि बहन जी, आपने तो सपा को गुंडा कहकर ललकारा था कि -चढ़ गुंडन की छाती पर मुहर लगाओ हाथी पर और खुद गुंडों को आपने संरक्षण दिया और टिकट देकर मंत्री बनाया।
जयकि’ान ने कहा कि लोकसभा चुनाव में मैंने नारा दिया कि गुंडे चढ़ गए हाथी पर, अफसरों, ठेकेदारों, लोगों से चंदा मांगे, गोली मारें छाती पर। ब्राहमण संख बजाएेगा, हाथी दिल्ली जाएगा, के नारे पर श्री जयकि’ान ने कहा कि हाथी दिल्ली जाएगा किंतु पार्लियाment नहीं जा पाएंगा क्योकि वह गेट पर फंस जाएगा, गेट छोटा है और हाथी बड़ा है फंस जाएगा। उन्होने आरोप लगाया कि- मायावती जी का पुराना धंधा- टिकट को ले जाओ, दे जाओ चंदा। मायावती जी उसकी, जो सेाने चांदी का हाथी दे उसकी। उन्होने कहा कि नया नारा दिया है ज़िंदा हाथी लाख का, मरा हुआ सवा लाख का। इस उन्होने कहा कि पहले हाथी घास फूस खाता था अब हज़ार-हज़ार का नोट खा रहा है इसलिए सवा लाख का हो गया है। उन्होने कहा कि मायावती जी ने विकास के नाम पर सिर्फ कुछ अपने इर्द गिर्द के लोगों का ही विकास किया है परिवार का विकास किया है। इन्हें देखकर दे’ा के दलितों का सिर ‘ार्म से झुक जाता है।
अंत में उन्होने कहा कि आजादी के बाद संविधान बनाने से लेकर पहला क़ानून मंत्री कांग्रेस ने दलित को बनाया। दो बार चुनाव हारने के बाद भी बाबा साहब को क़ानून मंत्री बनाया। दे’ा का रा”ट्रपति बनाया। लोकसभा अध्यक्ष बनाया। संसद में सर्वोच्च पद लोकसभा अध्यक्ष बनाया। यूजीसी का चेयरman बनाया। मा0 सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधी’ा बनाया। कांग्रेस ने ही सबसे अधिक दलितों के हितों के लिए कार्य किया है। संविधान में दलितों को जो अधिकार मिले वह सभी कांग्रेस की ही देन है।
श्री जयकि’ान ने कहा कि मायावती जी बताएं कि एनडीए के ‘ाासनकाल में उनसे मिलकर और श्री लालजी टंडन को राखी बांधकर प्रदे’ा की सत्ता पर काबिज होने के बाद व”ाz 2002 में एनडीए ‘ाासनकाल में संविधान को बदलने की बात पर यह चुप क्यों रहीं। दलित एक्ट को ख़त्म किया गया तो चुप क्यों रहीं। 20 सूत्रीय कार्यक्रम को बैन किया गया तो चुप क्यों रहीं। दलितों के अधिकार छीने गए तो चुप क्यों रहीं। सफाईकर्मियों, चौकीदारों को निजीकरण एवं पें’ान बंद किया गया तो चुप क्यों रहीं, जब दलितों की हत्याएं हुईं तो चुप क्यों रहीं, सबसे ज्यादा दलित महिलाओं के साथ उ0प्र0 में उत्पीड़न किया गया तो चुप क्यों रहीं, उच्च ि’ाक्षा में जब दलितों का एनडीए काल में हक छीना गया तो चुप क्यों रहीं। बैकलाग और रोस्टर सील किया गया तब चुप क्यों रहीं। व”ाz 2004-2003 में बीबीए, बीसीए, एमसीए, एलएलबी, आईआईटी की प्रवे’ा परीक्षा के परिणाम को रोका गया तो चुप क्यों रहीं, जिसमें 9लाख दलित बच्चों का भवि”य बबाzद हुआ और वह ओवरएज हो गए। सच्चाई तो यह है कि इन सवालों का जवाब मायावती जी के पास नहीं हैं क्योंकि यह तो दलित की बेटी ही नहीं हैं यह तो हीरे, सोने का हार पहनने वाली हैं, दौलत की बेटी हैं।
Tags: BJP, BSP, Chief Minister, CM, congress, india, invc, Lucknow, Mayawati, minister, SP, U.P, तुम चुप रहो, पत्थर रखे रहो छाती पे, मुहर मारते रहो हाथी पे - जय किशन