गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जवाबदेयता व प्रयास करने होंगे – बृजकिशोर शर्मा

Published on November 30, 2011 by   ·   No Comments Print This Post Print This Post

आई.एन.वी.सी,,
जयपुर,,
प्राथमिक, माध्यमिक व संस्कृत शिक्षा, भाषा, भाषाई अल्पसंख्यक  एवं देवस्थान मंत्री श्री बृजकिशोर शर्मा ने  कहा है कि प्रदेश में नामांकन को बढ़ाने, ड्रॉप आऊट को रोकने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी सम्बन्धत अधिकारियों को पूर्ण जवाबदेयता के साथ सार्थक प्रयास करने होंगे।

श्री शर्मा मंगलवार को शिक्षा संकुल में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत गठित परिषद माध्यमिक शिक्षा के आधारभूत विकास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बालिका छात्रावास एवं model school स्थापना आदि के द्वारा माध्यमिक शिक्षा का सार्वजनीकरण कर माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन एवं ठहराव को शतप्रतिशत लक्षय तक पहुंचाने की एक सार्थक अभिनव योजना है।

उन्होने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नवीन तकनीकों एवं अभिनव योजनाओं का समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार संचालित करने एवं सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटring करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

श्री शर्मा ने राजकीय विद्यालयों में पेयजल, बिजली व्यवस्था, कप्यूटर शिक्षा आदि को गभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को छात्र-छात्राओं के हितों को ध्यान में रख़ते हुए प्राथमिकता से सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होेंने उच्च प्राथमिक विद्यालय से माध्यमिक विद्यालय में एवं माध्यमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालयों के क्रमोनयन के प्रस्तावों में ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों में छात्र छात्राओं की आवश्यकता एवं हितों को विशेष रूप से ध्यान रखने की आवश्यकता बतायी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षक भतीü के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है जो कि प्रक्रियाधीन है तथा आगामी फरवरी मार्च 2012 तक आवश्यकतानुसार भतीü प्रक्रिया पूर्ण कर ली जावेगी जिससे कि आवश्यकतानुसार विद्यालयों में शिक्षक व्यवस्था होकने के साथ ही प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती नसीम अतर इंसाफ़ ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए बताया कि आज भी कुछ स्थानों पर माध्यमिक एवं

उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए बालिकाओं को 10 से 12 कि.मी. दूरी पर जाना पड़ता है। इसलिए भविष्य में विद्यालयों के क्रमोनयन के समय इसे ध्यान में रखना चाहिए ताकि बालिकाओं को निकटतम स्थान पर शिक्षा उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेे।

राज्य मंत्री ने बालिका शिक्षा से जुड़ी विभागीय योजनाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वित करने एवं इन योजनाओं से बालिकाओं को अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर जोर दिया ताकि प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिल सके तथा राजस्थान का नाम अग्रणी हो सके।

समीक्षा बैठक में प्रमुख शासन सचिव school एवं संस्कृत शिक्षा श्री अशोक सपतराम ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत शैक्षिक दृष्टि से अत्यंत पिछडे़ हुए 186 ब्लाक्स में बालिका छात्रावास की स्थापना की जानी है। इनमें से प्रथम व द्वितीय चरण में 74 का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है तथा 49 बालिका छात्रावास जुलाई 2011 व इसके बाद से प्रारभ हो चुके है तथा शेष 2भ् बालिका छात्रावासों का संचालन अगले सत्र किया जाएगा। तृतीय चरण में 186 में से शेष बचे 112 बालिका छात्रावासों का निर्माण कार्य कराने हेतु निविदाए आमंत्रित कर निाार्ण कार्य प्रगति पर है।

प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि इसी प्रकार इस योजना के तहत प्रदेश में 186 शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े ब्लॉक्स में केंद्रीय विद्यालयों के पैटर्न पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त model schools की स्थापना की जानी है। जिनमें से वर्ष 2010-11 में प्रथम चरण में 91 व द्वितीय चरण में 43 कुल 134 ब्लॉक्स में model school की स्वीकृति केंद्र सरकार से प्राप्त हो चुकी है तथा शेष की स्वीकृति प्रक्रियाधीन है।

बैठक में शासन सचिव, school एवं संस्कृत शिक्षा श्री भास्कर ए. सावंत, राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद श्री आलोक गुप्ता सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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