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आई.एन.वी.सी,,,
लखनऊ,
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री माननीया सुश्री मायावती जी ने आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भ्रमण के दौरान जनपद गाजियाबाद की तहसील हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर एवं धौलाना को शामिल कर हापुड़ जनपद बनाने एवं इसका नाम ‘‘पंचशील नगर’’ रखने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने एक नयी तहसील भी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस नवगठित जनपद का मुख्यालय हापुड़ होगा, लेकिन हापुड़ कस्बे का नाम हापुड़ ही बना रहेगा। उन्होंंने कहा कि नवसृजित तहसील का नाम धौलाना होगा। यह घोषणा माननीया मुख्यमंत्री जी ने आज हापुड़ तहसील प्रांगण में एक सभा को सम्बोधित करते हुए की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी व सरकार परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की सोच के मुताबिक ही छोटे राज्यों व छोटी प्रशासनिक इकाईयों के गठन की प्रबल समर्थक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक ईकाइयां छोटी होगीं तो कानून-व्यवस्था एवं विकास कार्यों की स्थिति को और ज्यादा बेहतर बनाने में प्रशासनिक तन्त्र को काफी आसानी होगी। इसी के साथ इलाके की जनता को भी काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इसी सोच के आधार पर उनकी पार्टी की सरकार ने अपने सभी शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में अनेकों मण्डल, जनपद व तहसीलों का गठन किया है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तहसील हापुड़ का क्षेत्रफल 660 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या लगभग 10 लाख है। साथ ही नवसृजित तहसील धौलाना में शामिल किये जा रहे 91 ग्रामों में से आधे से अधिक ग्राम तहसील मुख्यालय हापुड़ से काफी दूरी पर हैं। इस नई गठित तहसील मुख्यालय धौलाना पर आम जनता की सुविधा के लिये विकास खण्ड पशु-चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सहकारिता तथा गन्ना विभाग के कार्यालय व शिक्षण संस्थायें पहले से ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा जनपद गाजियाबाद की सीमायें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व यमुना नदी से प्रारम्भ होकर तहसील गढ़मुक्तेश्वर में गंगा नदी तक फैली हुयी हैं, जिसकी लम्बाई लगभग १०० से 125 किलोमीटर है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद मुख्यालय से तहसील गढ़मुक्तेश्वर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की दूरी 80 से 90 किलोमीटर है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गाजियाबाद की जनसंख्या 46 लाख 61 हजार 452 है तथा नवसृजित जनपद की आबादी अब 14 लाख 22 हजार 43 होगी। उन्होंने कहा कि जनपद गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के निकट होने के कारण यहाँ जनसंख्या का घनत्व अब काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा जनपद गाजियाबाद मुख्यालय से काफी दूरी पर स्थित तहसील हापुड़ व गढ़मुक्तेश्वर के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं के तेजी से समाधान करने व इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को अपेक्षित गति प्रदान करने में भी काफी कठिनाइयां आ रही थी। इतना ही नहीं बल्किी गाजियाबाद के शहरी इलाकों सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों के औद्योगिक विकास तथा यहाँ काफी तादाद में शैक्षणिक संस्थानों के होने से कानून-व्यवस्था सम्बन्धी समस्यायें भी ज्यादा उत्पन्न हो रही थीं। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके फलस्वरूप पुलिस एवं जिला प्रशासन की व्यस्ततायें और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। जिन्हें ध्यान में रखकर ही, आज नये जिले का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि नये जनपद ‘‘पंचशील नगर‘‘ के बन जाने से यहाँ कानून-व्यवस्था तथा विकास सम्बन्धी समस्याओं के समाधान को अपेक्षित गति मिलेगी। इससे समाज के दलित व अन्य पिछड़े वर्ग, धार्मिक अल्पसंख्यक तथा सर्वसमाज में से गरीब लोग खासतौर से लाभान्वित होेंगे। इसके साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नये जनपद पंचशील नगर के गठन होने से इसके सम्पूर्ण इलाके का तेजी से विकास होगा और यहाँ शान्ति व्यवस्था कायम रखने में प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। उन्हांंेने कहा कि उनकी सरकार इस नये जनपद के चहुंमुखी विकास के लिए धन की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस जनपद के विकास में पूरा सहयोग दें। इस मौके पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश के समस्त क्षेत्रों में संतुलित व समग्र विकास उपलब् कराने तथा प्रदेश की सम्पूर्ण जनता के बेहतर भविष्य के लिए उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश का पुनर्गठन करके पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य गठित करने की हमेशा पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यों का गठन केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इस मामले में केन्द्र में कांग्रेस व बीजेपी ने अपने-अपने शासनकाल के दौरान अभी तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाये हैं। जबकि इस सन्दर्भ में उनकी पार्टी व सरकार कई बार केन्द्र सरकार को चिट्ठी भी लिख चुकी है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्गों की कुछ जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में तथा देश में मुस्लिम व जाट समाज के लोगों को, अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में, इनके आरक्षण के कोटे को बढ़ाये जाने व इनकी अर्थात् जिनको शामिल करना है, उनकी आबादी के हिसाब से इनका अलग से कोटा निर्धारित करने की शर्त के साथ इन्हें शिक्षा, नौकरियों व अन्य और जरूरी क्षेत्रों में भी आरक्षण दिये जाने तथा देश में अपरकास्ट समाज में से गरीब लोगों को भी आर्थिक आधार पर सभी मामलों में, इन्हें अलग से आरक्षण दिये जाने के लिए भी उनकी पार्टी की सरकार ने केन्द्र सरकार को कई बार चिट्ठी लिखी है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा देश में अनुसूचित जाति @जनजाति की बढ़ी हुई आबादी के हिसाब से, इनके आरक्षण के कोटे में बढ़ोत्तरी करने व इनका केन्द्रीय व ज्यादातर राज्यों में राज्य स्तरीय सरकारी नौकरियों में वर्षों से अधूरा पड़ा आरक्षण का कोटा पूरा करने और साथ ही प्राईवेट सेक्टर व माननीय न्यायपालिका एवं अन्य जिन भी क्षेत्रों में, इन वर्गों को अभी तक आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है। ऐसे सभी क्षेत्रों में, इनको आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भी केन्द्र सरकार को बार-बार लिखित आग्रह किया गया है। लेकिन इन सभी मामलों को केन्द्र सरकार ने अभी तक ठण्डे बस्ते में डाला हुआ है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि उनकी सरकार ने अपने सीमित आर्थिक संसाधनों को देखते हुये प्रदेश में पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड की तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिये भी प्राईवेट सेक्टर के माध्यम से (पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप) जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे आदि अनेकों अति महत्वपूर्ण योजनायें बनाई हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के साथ-साथ इस क्षेत्र के सभी जिलों के लोगों को काफी लाभ पहुँचता। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में केन्द्र सरकार का कोई पैसा नहीं लगना था, केवल उनको कुछ मामलों में मंजूरी ही देनी थी, लेकिन केन्द्र ने आज तक मंजूरी
नहीं दी। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ की स्थापना का मामला भी केन्द्र सरकार के समक्ष अभी तक लम्बित पड़ा है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसके अलावा पूर्व की सरकारों की विरासत में मिली प्रदेश की कमजोर आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर सन् 2007 में, उनकी सरकार के बनते ही केन्द्र सरकार से 80,000 का विशेष आर्थिक सहायता पैकेज देने की भी मांग की थी। लेकिन उनकी सरकार की इस माँग पर केन्द्र सरकार ने आज तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया है। इसके बावजूद विरोधी पार्टियों द्वारा जनता में शुरू से ही यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जाता रहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश को निर्धारित मापदण्डों से हटकर अतिरिक्त सहायता राशि दी जा रही है, जो कि पूर्णतयाः गलत व तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई यह है कि 13 मई, 2007 से उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही केन्द्र सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में जो केन्द्रीय अंश निश्चित तौर पर प्रदेश सरकार को यथासमय पर मिल जाना चाहिये था, उसे भी समय पर नहीं दिया गया है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस समय भी केन्द्र सरकार के पास प्रदेश का कई हजार करोड़ रूपया लम्बित पड़ा है। ऐसी स्थिति में भी उनकी पार्टी की सरकार ने अपने सीमित संसाधनों के जरिये ही प्रदेश में विकास व जनहित के काफी कार्य किये हैं। साथ ही कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण के मामले में भी उनकी सरकार ने अनेकों ठोस कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी बातों की विस्तार से जानकारी 13 मई, 2011 को उनकी सरकार द्वारा जारी की गई सरकारी किताब में दी गयी है। माननीया मुख्यमंत्री जी ने आशा व्यक्त की कि उनकी सरकार द्वारा गाजियाबाद जिले में से जो एक और नया जिला बनाया है, इससे दोनों जिलों के लोगों को हर मामले में काफी ज्यादा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर दलित एवं अन्य पिछड़े वर्गों में जन्में महान् सन्तों, गुरूओं व महापुरूषों में भी खासतौर से महात्मा ज्योतिबा फूले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व मान्यवर श्री कांशीराम जी आदि के बताये हुये रास्तों पर चलकर उनकी पार्टी की सरकार सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के अनुसार सरकार चल रही है। जिससे प्रदेश में पहली बार हर मामले में व हर स्तर पर यहाँ सर्वसमाज के लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। इस अवसर पर माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुछ महीने पूर्व उन्होंने स्वयं राज्य के सभी 72 जिलों में जाकर विकास व जनहित एवं कानून-व्यवस्था व अपराध नियन्त्रण के कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान, जिन जिलों में उन्हें ज्यादा कमियां मिली थी, उन कमियों से जुड़े
अधिकारियों के खिलाफ उनकी सरकार द्वारा काफी सख्त कार्यवाही की गयी। साथ ही सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे जिलों में ज्यादा ध्यान देने के लिए निर्देंशित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में ठीक कार्य किये गये थे, वहाँ के अधिकारियों की प्रशंसा भी की गयी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि उनके द्वारा कुछ महीनों के बाद कार्यांे की पुनः समीक्षा की जायेगी। इसी क्रम में आज जनपद गाजियाबाद के विकास एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति एवं अन्य कार्यों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में माननीया मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़ी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद संवेदनशील है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनुसूचित जाति@जनजाति व गरीबों को आवंटित कृषि एवं आवासीय पट्टों की जमीनों पर अवैध कब्जा हटाने तथा लाभार्थियों को भौतिक कब्जा दिलाने के साथ ही अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा इसके अन्तर्गत आच्छादित सेवाओं को निर्धारित समय के अन्तर्गत आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। माननीया मुख्यमंत्री जी ने डा0 अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत कराये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की, उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना, महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना, मान्यवर श्री कांशीराम जी शहरी गरीब आवास योजना, उ0प्र0 मुख्यमंत्री महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना सहित राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित होने वाले गरीब लोगों को इन योजनाओं का लाभ आसानी से मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तहसील एवं थाना दिवस के रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नम्बर भी दर्ज किये जायें, जिससे रैण्डम चेकिंग के दौरान समस्याओं के निस्तारण की जानकारी प्राप्त की जा सके। माननीया मुख्यमंत्री जी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि उनकी सरकार गरीब, शोषित और दबे-कुचले लोगों को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है, इसको दृष्टिगत रखते हुए पुलिस प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर बिना दबाव के काम करने की पूरी आजादी दे रखी है, इसके बावजूद भी यदि गरीबों, दलितों, महिलाओं का उत्पीड़न होता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने तहसील दिवस एवं थाना दिवस पर आने वाली जन-समस्याओं का निस्तारण पूरी गम्भीरता एवं गुणवत्ता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना हापुड़ में खराब सफाई व्यवस्था पर असन्तोष व्यक्त करते हुए थानाध्यक्ष को फटकार लगाई तथा पुलिस अधीक्षक को इन कार्यों में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने हापुड़ तहसील दिवस रजिस्टर में मोबाईल नम्बर अंकित न किये जाने को गंभीरता से लेते हुए निर्देशित किया कि तहसील एवं थाना दिवस रजिस्टर में शिकायतकर्ताओं के मोबाईल नम्बर अवश्य दर्ज किये जायेंे। इस अवसर पर उन्होंने पिछले निरीक्षण के दौरान जनपद से सम्बन्धित पायी गयी कमियों की जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि पिछले भ्रमण के दौरान पायी गयी खामियों को दूर कर दिया गया है और उस समय दिये गये सभी निर्देर्शाें का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
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