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आई.एन.वी.सी,,
जयपुर,,
स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने कहा है कि प्रदेश के छह चिंहित शहरों जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर एवं उदयपुर में राजीव आवास योजना का कार्य हाथ में लिया जाएगा। इसके लिए इन शहरों में कच्ची बस्तियों के सवेü का कार्य अंतिम चरण में है।
श्री धारीवाल शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री कुमारी शैलजा की अध्यक्षता में आयोजित राजीव आवास योजना पर राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों के समेलन में बोल रहे थे। समेलन में प्रमुख नगरीय सचिव श्री जी.एस. संधु एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।
श्री धारीवाल ने बताया कि राज्य के छह बड़े शहरों को स्लम मुक्त करने के लिए आगामी पांच वषोü में राजकोश पर 2900 करोड़ रू. का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राजीव गांधी आवास योजना के लिए एकीकृत आवास एवं स्लम डवलपमेंट (आई.एच.एस.डी.पी.) कार्यक्रम के पैटर्न पर केंद्रीय अंशदान को भ्0 प्रतिशत बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाना चाहिए। साथ ही योजना की क्रियान्वती के लिए केंद्र से एक मुश्त राशि देने के अलावा राज्यों को इसे लागू करने के लिए पूरी छूट प्रदान करनी चाहिए।
स्वायत्त शासन मंत्री ने बताया कि राज्य के छह शहरों की स्लम मुक्त नगर योजना बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत भ्62.30 लाख रू. की राशि में से प्रथम किश्त के रूप में 281.1भ् लाख रूपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया कि राजीव आवास योजना का शुभारंभ राजस्थान से किया जाए।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों का अपना घर होने के सपनों को साकार कर रही है। प्रदेश में 3400 करोड़ रूपए की लागत से इंदिरा आवास योजना की तर्ज पर क्वक्वमुयमंत्री ग्रामीण बी.पी.एल. आवास योजनांं शुरू की गई है। इस योजना का शुभारंभ हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री जयराम रमेश ने किया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की योजना को लागू करने वाला राजस्थान पूरे देश में पहला प्रदेश है और राज्य की इस ऐतिहासिक योजना की शुरूआत करने की घोषणा विगत तीन जून को यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा प्रदेश के आदिवासी अंचल बांसवाड़ा में की गई थी।
श्री धारीवाल ने बताया कि मुयमंत्री श्री अशोक गहलोत का सपना है कि देश में शिक्षा के अधिकार और खाद्य सुरक्षा आदि के समान ही क्वक्वराईट टू शेल्र्टरंं कानून भी बने, ताकि देश के हर परिवार को अपना घर सुलभ हो सके।
श्री धारीवाल ने बताया कि प्रदेश में क्वअफोडेüबल हाउसिंग पॉलिसीं भी लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत तीन वषोü में पांच लाख मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है इसमें सभी वगोü के लोगों को अपने क्वस्वप्न का आशियानां मिलने का सुलभ अवसर मिलेगा। योजना के अंतर्गत प्रदेश के सात शहरों में 1भ् योजनाओं की स्वीकृति दी गई है और 12 हजार 140 मकानों का निर्माण प्रारभ किया गया है। इसके अलावा राजस्थान आवासन मंडल तथा अन्य शहरी निकायों द्वारा 60 हजार आवासों के निर्माण की योजना लागू की जाएगी।
उन्होंने बताया कि क्वक्वजवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशनंं के अंतर्गत राज्य के जयपुर, अजमेर एवं पुष्कर में आधारभूत विकास एवं गरीबों के लिए मूलभूत सेवाओं के लिए भ्98 करोड़ रू. व्यय किए गए है। इसी प्रकार आठ हजार करोड़ रू. के निवेश से जयपुर मेट्रो परियोजना की स्वीकृति के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रथम चरण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है।
श्री धारीवाल ने बताया कि प्रदेश के लघु एवं मध्यम कस्बों में आधारभूत विकास योजना के अंतर्गत 3भ् शहरों के लिए 610 करोड़ रू. की 38 परियोजनाएं स्वीकृत की गई और इनमें 09 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 29 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। इस योजना में अब तक 213 करोड़ रू. व्यय किए जा चुके है। इसी प्रकार एकीकृत आवास एवं स्लम डवलपमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 4भ् शहरों के लिए 642 करोड़ रू. की 49 परियोजना स्वीकृत की गई है जिनमें से 37 परियोजनाएं प्रगति पर है। इस योजना में अब तक 111 करोड़ रू. व्यय किए गए है और योजना के तहत 4010 मकानों का निर्माण हो चुका है, जबकि भ्637 मकान निर्माणाधीन है।
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