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मध्यप्रदेश में औद्योगिक इकाईयों की स्थापना में अपेक्षित गति लाने और निवेश संबंधी नीतिगत निर्णय के लिए अब मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में प्रत्येक सोमवार को शीर्ष स्तरीय निवेश संवर्द्धन साधिकार समिति की बैठक होगी। यह निर्णय आज शीर्ष स्तरीय निवेश संवर्द्धन साधिकार समिति की मंत्रालय में आयोजित बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने बैठक में कहा कि प्रदेश में निवेशकों का खुले मन और मस्तिष्क से स्वागत करते हुए उनकी आशाओं, अपेक्षाओं और आवश्यकताओं में राज्य शासन का सहयोग रहेगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि निवेशकों के प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ त्वरित गति से कार्य हो।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निवेशकों की रियायती दर पर भूमि एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की माँग का परीक्षण किया जाए। निवेशकों को आवश्यकता अनुसार ही भूमि, जल आदि मूलभूत सुविधाओं में रियायत दी जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निवेशकों द्वारा अधो संरचनात्मक सुविधाओं सड़क आदि के निर्माण में 50 प्रतिशत राशि व्यय करने पर निर्माण कराया जाय।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिंगल विण्डो में प्राप्त होने वाले आवेदनों को संबंधित विभाग को हस्तांतरित करने से पूर्व उनका प्रारंभिक परीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से संबंधित जानकारियाँ आवेदन में उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औद्योगिक इकाई जहाँ स्थापित होती हैं। वह उस क्षेत्र के विकास में भी सहयोग करें जिसका लाभ स्थानीय नागरिकों को मिले। श्री चौहान ने इस संबंध में स्थानीय निकायों की कराधान व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए है। उन्होंने औद्योगिक इकाईयों को विद्युत, जल आदि मूलभूत संसाधनों की उपलब्धता, आरक्षण आवंटन और उपयोग संबंधी प्रावधानों प्रक्रियाओं के पुनरीक्षण के लिए मंत्रिसमूह द्वारा विचार करने की जरूरत बताई। उन्होंने समूह में वित्त, जल संसाधन, ऊर्जा और उद्योग मंत्री को संयुक्त रूप से विचार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्षेत्र में चिकित्सालय, विद्यालय आदि प्रारंभ करने वाले औद्योगिक समूहों को नियमानुसार तभी भूमि उपलब्ध कराई जाए जब विद्यालय और चिकित्सालय द्वारा स्थानीय नागरिकों को भी समान रूप से सेवाएँ दी जाएं।
शीर्ष स्तरीय निवेश संवर्धन साधिकार समिति की बैठक में नौ इकाईयों को 5 वर्ष की अवधि के लिए प्रवेश कर से छूट दिये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। प्रस्ताव में मेसर्स सांवरिया एग्रो आईल्स लिमिटेड, मंडीदीप जिला रायसेन, मेसर्स नाहर पॉलिफिन्स लिमिटेड, गौहरगंज, जिला रायसेन, मेसर्स प्रॉक्टर एण्ड गेम्बल होम प्रोडक्ट्स लिमिटेड, मंडीदीप, जिला रायसेन, मेसर्स एच.ई.जी.लिमिटेड, न्यू औद्योगिक क्षेत्र, मंडीदीप, जिला रायसेन, मेसर्स चमेली फ्लोर मिल्स प्रायवेट लिमिटेड, औद्योगिक क्षेत्र निमरानी, जिला खरगौन, मेसर्स सूर्या रोशनी लिमिटेड, (हाईमास्ट डिवीजन) औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर, जिला भिण्ड, मेसर्स वर्धमान यार्नस्, औद्योगिक क्षेत्र, मंडीदीप, जिला रायसेन, मेसर्स गुजरात अम्बुजा एक्सपोर्टस लिमिटेड, जिला मंदसौर और मेसर्स कपारो ट्यूब्स इण्डिया देवास शामिल है।
बैठक में वित्त मंत्री श्री राघवजी, अपर मुख्य सचिव, श्री ओ.पी.रावत, श्री सत्यप्रकाश, श्री आर.परशुराम, प्रमुख सचिव, वित्त श्री जी.पी.सिंघल, वाणिज्यिक कर, श्री ए.पी. श्रीवास्तव, जल संसाधन श्री आर.एस. जुलानिया, आवास एवं पर्यावरण श्री इकबाल सिंह बैंस,श्रम श्री पुखराज मारू, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री एस.पी.एस.परिहार, सचिव ऊर्जा श्री मोहम्मद सुलेमान, राजस्व श्री चन्द्रहास दुबे और तकनीकी शिक्षा श्री संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल, श्री एस.के.मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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