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केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री श्री विलास राव देशमुख ने ग्रामीण लोगों के कल्याण के लिए कम लागत वाली तकनीकों के विकास कार्य करने पर जोर दिया है। सीएपीएआरटी की कार्यकारिणी समिति की 55वीं बैठक को कल संबोधित करते हुए श्री देशमुख ने ऐसे मॉडलों पर ध्यान देने को कहा जो कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि सीएपीएआरटी को लोगों की गैर सरकारी संस्थानों के साथ भागीदारी सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए ताकि सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके । श्री देशमुख ने कहा कि सीएपीएआरटी की क्षेत्रीय समितियों को मज़बूत करना होगा ताकि क्षेत्र विशेष और स्थानीय मुद्दों को सामने लाया जा सके।
सीएपीएआरटी के निदेशक श्री मोहम्मद हलीम खान ने संगठन को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया ताकि सीएपीएआरटी के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके। ग्रामीण विकास सचिव श्री बी.के.सिन्हा ने सीएपीएआरटी के नए प्रारूप को विस्तारपूर्वक बताया।
55वीं बैठक में सीएपीएआरटी की 2010-11 की प्रदर्शन रिपोर्ट, ग्रामश्री ई-मेल का निर्माण, प्रौद्योगिकी संसाधन केद्रों के अधिक निर्माण , युवा पेशवर योजनाओं की समीक्षा आदि एजेंडे सम्मिलित थे।
सीएपीएआरटी की स्थापना 1986 में हुई थी। यह ‘कांउसिल फॉर एडवांसमेंट ऑफ रूरल टेक्नोलॉजी’ (सीएआरटी) और ‘पीपल्स एक्शन फॉर डेवलेपमेंट इंडिया’ (पीएडीआई) को मिलाकर बनी थी। इसने ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Tags: business, CAPART, economy, environment, health, invc, Rural Development, Rural India, Union Minister for Rural Development and Panchayati Raj Shri Vilasrao Deshmukh, Vilasrao Deshmukh
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